Time Management powerful 30 tips ppt for Student in Hindi.

Time Management powerful 30 tips ppt for Student in Hindi

Time Management powerful 30 tips ppt for Student in Hindi. डॉ. सुधीर दीक्षित द्वारा लिखा गया टाइम मैनेजमेंट के 30 सिद्धांत की सहायता से छात्र, सेल्समैन, एक व्यापारी और गृहणी अपने जीवन में सुधार ला सकते हैं।

Table of Contents

About of Time Management

हम सबके पास एक दिन में 24 घंटे होते है, न किसी के पास ज़्यादा न किसी के पास कम। इन 24 घंटों का हम किस तरह इस्तेमाल करते हैं, उसी से अक्सर तय होता है कि हम सफल होंगे या असफल। लेकिन कई बार हम यह नहीं जानते हैं कि हम समय का सबसे अच्छा उपयोग कैसे हर सकते हैं? कहाँ अपना समय बचा सकते हैं? और किस तरह अपने जीवन को सार्थक व सफल बना सकते हैं। इसलिए हमें समय के सर्वश्रेष्ठ उपयोग के सिद्धांत को जानने की जरूरत है।

डॉ. सुधीर दीक्षित के पुस्तक में समय के सर्वश्रेष उपयोग के 30 सिद्धांत दिए गए हैं, जिनका उपयोग करके आप अपने जीवन को सार्थक, सुखी, समपन्न और सफल बना सकते हैं। चाहे आप छात्र हो, नौकरीपेशा कर्मचारी, सेल्समैन हो या गृहणी हो। ये सिद्धांत आपकी मदद करेंगे। इन पर अमल करने से आपकी ज़िंदगी बदल सकती है और आप सफलता के सिकहर पर पहुँच सकते हैं।

Time Management powerful 30 tips ppt

डॉ. सुधित दीक्षित द्वारा लिखी गई किताब “टाइम मैनेगमेंट” , जिसमें उन्होंने अपने तीस सिद्धांतों को क्रम वाइज  लिखा है। जिसकी मदद से आप अपने ms word power point में तैयार करत सकते हैं। एक बेहतरीन ppt तैयार करने के लिए आप टाइम मैनेजमेंट के पिछले आर्टिकल को भी पढ़ सकते हैं।

समय की लॉग बुक करे।

जिस तरह आप अपने पैसों का बजट बनाते हैं, उसी तरह समय का भी बजट बनाएं। बजट बनाने के लिए आपको यह हिसाब लगाना होता है कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है।  समय के मामले में भी यही नीति अपनाएं। एक डायरी लें और 1 सप्ताह तक का यह रिकॉर्ड रखे कि आप किस काम के लिए कितना समय खर्च कर रहे हैं। ड्राइवरों की भाषा में इसे लॉग बुक कहा जाता है, जिसमें वे लिखते हैं कि गाड़ी कितने किलोमीटर चली और कहां तक चली।

आर्थिक लक्ष्य बनाएं।

एक सेल्समैन की पत्नी अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रही । हैरानी की बात यह थी कि उस साल सेल्समैन ने अपने सामान्य औसत से लगभग दुगुना सामान बेचा। जब उससे इसकी सफलता का कारण पूछा गया, तो उसने कहा कि अस्पताल का बिल उसके सामने रखा था और वह सटीकता से जानता था कि बिल चुकाने के लिए उसे कितना सामान बेचना होगा।

 इस उदाहरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि अगर कोई मनुष्य ठान तो वह अपने आर्थिक लक्ष्य हासिल कर सकता है बशर्ते उसके सामने स्पष्ट लक्ष्य हो

सबसे महत्व पूर्ण काम सबसे पहले करें।

एक मशहूर संगीतज्ञ जब वायलिन बजाना सीख रहे थे, तो उसने पाया कि उनकी प्रगति संतोषजनक नहीं है। कारण खोजने पर उन्हें पता चला कि संगीत अभ्यास करने से पहले उन्हें घर के सारे कामकाज निपटाने होते हैं जिसमें उनका बहुत सारा समय लग जाता है, जिसके कारण उन्हे वायलिन अभ्यास के लिए कम समय मिल पाता है । यह जानने के बाद उन्होंने संकल्प लिया की संगीत उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है इसलिए सबसे पहले संगीत का अभ्यास करेंगें। खुद को इस तरह अनुशासित करने के बाद उन्होंने संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की क्योंकि अब वह अपना सबसे महत्वपूर्ण काम सबसे पहले कर रहे थे।

इस उदाहरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि हर महत्वकांक्षी व्यक्ति को अपने सबसे महत्वपूर्ण काम सबसे पहले करने चाहिए।

यात्रा के समय का अधिकतम उपयोग करे।

यात्रा के दौरान ज्यादातर लोग या तो मोबाइल पर गाने सुनते हैं या फिर अखबार पढ़ते हैं या गपशप करते हैं। वह यह नहीं जानते कि इस दौरान प्रेरक पुस्तकें पढ़कर, शैक्षणिक टिप्स सुनकर या कोई अन्य महत्वपूर्ण काम करके वे अपने लक्ष्य तक ज्यादा तेजी से पहुंच सकते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि आमतौर पर सेल्समैन का 45% कामकाजी समय यात्रा में गुजरता है।  जाहिर है, जो सेल्समैन यात्रा के समय का बेहतर उपयोग करना सीख लेता है, वह अपने साथियों की तुलना में ज्यादा सफल होता है।

अपना काम दूसरों को सौपना सीखे।

काम सौंपने के लिए आपको सिर्फ इतना करना है कि आप किसी सही व्यक्ति को खोज कर उसे काम सौंप दें।  यानी कि ऐसा व्यक्ति चुने, जिसमें उस काम को अच्छी तरह से करने की क्षमता और इच्छा हो। फिर उसे बता दें कि उसे क्या करना है, कैसे करना है और कब तक करना है। इसके बाद आप सो भी गए काम और उसके पूर्ण होने की तारीख को अपनी डायरी में लिख लें। डेलिगेशन या काम सौंपने का तारीख इतना ही आसान है।

पैरेटों के 20/80 के नियम को जाने।

पैरेटों के अनुसार आपकी 20% प्राथमिकताएं आपको 80% परिणाम देंगी, बशर्ते आप अपने शीर्षस्थ 20% प्राथमिकताओं पर अपना समय, ऊर्जा, धन और कर्मचारी लगाएं। यानी हमें अपने 80% परिणाम 20% समय से मिलते हैं । इसका अर्थ यह भी है कि हमारे समय का अधिकांश हिस्सा यानी 80% से 20% परिणाम हासिल करने में बर्बाद हो जाता है।

पार्किनसन के नियम का लाभ लें।

इसका अर्थ यह है कि हमारे पास जितना काम होता है, हमारा समय भी उसी के अनुरूप फैलता या सिकुड़ता है । यानि अगर हम कम समय में ज्यादा काम करने की योजना बनाएंगे, तो समय फैल जाएगा और वह सारे काम उसी अवधि में पूरे हो जाएंगे । दूसरी ओर अगर हम उतने ही समय में कम काम करने की योजना बनाएंगे, तो समय सिकुड़ जाएगा और उतनी ही अवधि में हम कम काम कर पाएंगे।

अपने प्राइम टाइम में काम करे।

यदि आप सुबह के समय ज्यादा फुर्तीले, ऊर्जावान और चुस्त होते हैं, यानी सुबह का वह आपका प्राइम टाइम है, तो आप एक तरह से सौभाग्यशाली हैं। अगर आप दोपहर में एक झपकी ले ले, तो आप 1 दिन में दो सुबह प्राप्त कर सकते हैं। दोपहर की झपकी के बाद आप लगभग उतने ही फुर्तीले, ऊर्जावान और चुस्त हो सकते हैं, जितने कि सुबह थे।

स्वयं को व्यवस्थित करें।

अव्यवस्थित जीवन हमारे सामने कई मुश्किलें खड़ी कर देता है। इनमें से एक मुश्किल यह है कि हमारा समय ना चाहते हुए भी अनावश्यक रूप से बर्बाद होता है और दुखद बात यह है कि हम खुद से ही इसके लिए दोषी होते हैं।

यह ध्यान रखें कि अगर आपकी दिनचर्या व्यवस्थित है, तो आपका जीवन भी व्यवस्थित होगा और जब आपका जीवन व्यवस्थित होगा, तो आप सहजता से समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर पाएंगे।

टाइम टेबल बनाए।

जिस तरह पैसे की बर्बादी को रोकने के लिए बजट बनाना जरूरी है, उसी तरह समय की बर्बादी को रोकने के लिए टाइम टेबल बनाना जरूरी है । इसलिए कृपया किसी भी कार्य को करने के लिए टाइम टेबल अवश्य बनाए।

कर्म में जुट जाए।

यदि आप सफलता चाहते हैं, तो कर्म में जुट जाएं और तब तक जुटे रहें, जब तक कि आप सफल ना हो जाए। यदि आप समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना सीख लेते हैं, तो आगे चलकर समय आपको पुरस्कार में वह वस्तु दे देगा, जिसे आप प्रबलता से चाहते हैं- सम्मान, सफलता, धन, सुख या जो भी आप चाहते हो।

अपनी कार्यक्षमता बढाएं।

अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए आपको अपने चुने हुए क्षेत्र में लगातार सीखना होगा और निरंतर नए-नए उपायों को आजमाना होगा, जिनका इस्तेमाल करके आप अधिक योग्य, अधिक तेज और अधिक सक्षम बन सके।  इसके लिए आपको उस क्षेत्र में महारथियों से सलाह लेना चाहिए या कम से कम उन्हें काम करते देखना चाहिए।  आप अपने चुने हुए क्षेत्र में होने वाले सेमिनार में जाकर या कोई पुस्तक पढ़ कर अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं।

डेडलाइन तय करे।

इसे एक उदाहरण से समझें । मान लें, सामान्य स्थिति में आप 6 मिनट में 1 किलोमीटर दौड़ते हैं । लेकिन अगर कोई खूंखार कुत्ता का पीछा कर रहा हो तो आप कितनी तेजी से भागेंगे?  जाहिर है, आप 6 मिनट से बहुत कम समय में 1 किलोमीटर की दूरी पूरी कर लेंगे; आपके पीछे खूंखार कुत्ता जो है।  डेडलाइन को भी ऐसा ही खूंखार कुत्ता माने, जो आपसे ज्यादा तेजी से काम करा लेती है।

समय खरीदना सीखें।

कंपनी का कोई मालिक प्रोडक्ट का उत्पादन नहीं करता, उसका विवरण नहीं करता, उसका प्रबंधन नहीं करता, उसे नहीं बेचता लेकिन मुनाफा उसी को होता है।  कंपनी का मालिक कर्मचारियों को तनख्वाह देकर उनसे अपना मनचाहा काम करवाता है।  दूसरे शब्दों में, कंपनी के मालिक दूसरों का समय खरीद लेता है।

भावी लाभ के लिए वर्तमान में त्याग करे।

हर सफल व्यक्ति भावी लाभ के लिए वर्तमान समय का निवेश करता है।  जिस तरह कंपनियां भावी सफलता के लिए पूंजी का निवेश करती हैं, उसी तरह व्यक्ति भावी सफलता के लिए समय का निवेश करते हैं।

निश्चित समय पर काम करे।

यदि आप निश्चित समय पर निश्चित काम करने की आदत डाल लेते हैं, तो उस समय आपका शरीर और मन दोनों ही उस काम को करने के लिए पूरी तरह तैयार होते हैं। अगर आप सुबह ठीक 6:00 बजे घूमने जाते हैं, तो शरीर इसके लिए पूरी तरह तैयार होता है और आपको इसमें आलस कम आता है। दूसरी ओर, अगर घूमने का कोई निश्चित समय नहीं है, तो आप आसानी से आलस के शिकार हो जाते हैं।

समय की बर्बादी के गुरुत्वाकर्षण नियम को जाने।

जैसे ही आप कोई महत्वपूर्ण काम शुरू करते हैं, वैसे ही बाधाओं का गुरुत्वाकर्षण शक्ति सक्रिय हो जाती है और आपको नीचे धकेलने लगती है। दूसरे लोग आकर आपके काम में विघ्न डालते हैं, वे आपसे कोई दूसरा काम करने को कहेंगे, कोई आपसे मिलने आ जाएगा, किसी का फोन आ जाएगा, बॉस आपको अत्यावश्यक काम थमा देगा, पत्नी बाजार से कुछ जरूरी सामान मंगाएगी, बच्चे होमवर्क में आपसे मदद मांगेंगे। यह और कुछ नहीं गुरुत्वाकर्षण का नियम है।

न्यूटन के गति के पहले नियम का लाभ लें।

सरल भाषा में न्यूटन का गति का पहला नियम कहता है: जो जिस अवस्था में है, उसी अवस्था में बनी रहती है, जब तक कि उस पर बाहरी बल का प्रयोग न किया जाए। यह बहुत ही अद्भुत नियम है। यह वस्तुओं पर ही नहीं व्यक्तियों पर भी लागू होता है। आप जिस अवस्था में हैं, उसी अवस्था में रहेंगे, जब तक कि बाहरी पल का प्रयोग ना हो। यह बाहरी बल कहां से आता है: या तो दूसरों के दबाव से या फिर आपके अनुशासन से, आपकी स्वप्रेरणा से।

यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने कितने समय काम किया; महत्वपूर्ण तो परिणाम हैं।

उदाहरण से समझे-  बॉस आपको कोई जटिल काम करने को देता है और उसके लिए आपको 7 दिन का डेडलाइन देता है, लेकिन आप उसे 2 दिन में ही अच्छी तरह पूरा करके सौंप देते हैं। तब आप बहुत की नजरों में ज्यादा ऊपर उठ जाएंगे। आपने उम्मीद से कम समय में बेहतरीन काम कर दिया, इस बात से वह बहुत प्रभावित होगा और यह आदत आपको उस क्षेत्र में बहुत आगे और ऊपर तक ले जाएगी। तीव्रता महत्वपूर्ण है लेकिन परिणाम उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है।

तय करें कि कौन सा काम कब करना है।

इस नियम को फॉलो करने के लिए सबसे बेहतर है कि आप 10वें नियम को फॉलो करें। अपना हर एक काम को करने के लिए टाइम टेबल बनाएं और उस टाइम टेबल के आधार पर  हर एक काम का समय निर्धारण करें। 

सुबह जल्दी उठे।

आदर्श स्थिति में तो नियम यह है कि सूरज उगने से 2 घंटे पहले उठे और सूरज डूबने के 2 घंटे बाद सो जाएं। जब आप सुबह 4:00 बजे उठते हैं, तो आपके पास समय ही समय होगा रहेगा।  ऑफिस जाने से पहले भी आपके पास चार-5 घंटे का समय रहेगा। इस दौरान आप व्यायाम कर सकते हैं, पूरे दिन की योजना बना सकते हैं, और अपने महत्वपूर्ण काम निपटा सकते हैं।

एक घण्टा व्यायाम करे।

आपको हर दिन एक घंटा खुद के लिए निकालना चाहिए।  इस 1 घंटे में आपको अपने शरीर की देखभाल करनी है। टहलना है, व्यायाम करना है, योगा क्लास या जिम जाना है। अपने शरीर की मालिश करनी है। यानी कुल मिलाकर शरीर के स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। समय प्रबंधन के क्षेत्र में व्यायाम के कई लाभ हैं।  एक तो, इससे आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है, जिससे बीमारी के कारण आपका कीमती समय नष्ट नहीं होता।

टी.वी. के संदर्भ में सावधान रहे।

टी.वी. के कारण आज इतना समय बर्बाद हो रहा है, इतिहास में कभी किसी दूसरे वजह से नहीं हुआ। वैसे फेसबुक भी बहुत तेजी से श्रेणी में आता जा रहा है। टी.वी. के कई दुष्प्रभाव होते हैं लेकिन हम यहां पर केवल समय की बर्बादी के बारे में बात करेंगे। एक समय में एक यह पाया गया कि लोग हर सप्ताह 17 घंटे टी.वी. देखते हैं यानी लगभग ढाई घंटे प्रतिदिन। इसका मतलब है कि लोग हर दिन अपने पास उपलब्ध सक्रिय समय का 20% हिस्सा टी.वी. देखने में गवा रहे हैं।

मोबाइल का न्यूनतम उपयोग करें।

मोबाइल आधुनिक युग का वह शत्रु है, जिसका फंदा आप के समय के गले में दिनों दिन कसता ही जा रहा है। और यदि आपने इसका कोई इलाज नहीं किया, तो यह आपके ज्यादातर समय का सत्यानाश कर देगा। इसलिए मोबाइल का न्यूनतम उपयोग करें और उससे बचने वाले समय का अधिकतम सदुपयोग करें।  

इंटरनेट पर समय बर्बाद न करें।

यदि आप समय बचाने का इरादा रखते हैं ,तो इंटरनेट के खतरे से सावधान रहे हैं। इसमें सर्फिंग सबसे प्रमुख जोखिम होता है।  होता यह है कि आप इंटरनेट पर किसी काम से जाते हैं, तभी आपको कोई आकर्षक साइट दिख जाती है, कोई विज्ञापन दिख जाता है और आप उस पर क्लिक करके, दूसरी ही दुनिया में पहुंच जाते हैं। समय की बर्बादी का एक और कारण है कि जब आप कोई जानकारी सर्च इंजन में खोजते हैं, तो आप सही तरीके से शब्दों का चयन नहीं करते हैं। नतीजा यह होता है कि लाखों परिणाम आपके स्क्रीन पर आ जाते हैं।

आलस से बचे।

समय बचाने के लिए आपको आलस से बचना चाहिए। जब भी सामने कोई मुश्किल काम आता है, तो हम आलस करने लगते हैं और उसे टाल देते हैं। लेकिन टालमटोल करने के अलावा भी आलस्य के कई कारण होते हैं। आलस का एक अहम कारण वह है जिसे अधिकांश लोग अनदेखा कर देते हैं: जरूरत से ज्यादा भोजन करना।

टालमटोल ना करे।

टालमटोल करने का सबसे आम कारण यही होता है कि किसी काम को करने का हमारा मूड नहीं होता। देखिए, यह बात अच्छी तरह समझ लें कि अच्छा काम करने का मूड कभी नहीं होगा।  मन चंचल है और अगर सदियों से इसे वश में रखने को कहा जा रहा है तो इसके पीछे कोई अच्छा कारण होगा। मन कभी भी अच्छी चीजों की ओर नहीं जाता है क्योंकि उनके लिए अनुशासन और श्रम की जरूरत होती है। यह तो हमेशा क्षणिक सुख और आनंद के पीछे भागता है।

अगले दिन की योजना बनाकर अवचेतन मन की शक्ति का लाभ लें।

आदर्श स्थिति तो यह कहती है कि आप अगले दिन की योजना 1 दिन पहले रात को बना लें।  1 दिन पहले योजना बनाने का लाभ यह होता है कि आपको अवचेतन मन की शक्ति का लाभ मिल जाता है। यह साबित हो चुका है कि हमारे भीतर दो मन होते हैं।  चेतन मन और अवचेतन मन। चेतन मन यानी वह मस्तिष्क से जो सोचता है और जिसके बारे में हम जागरूक होते हैं। दूसरी ओर हमारे भीतर एक अवचेतन मन भी होता है, जो हमें दिखाई तो नहीं देता लेकिन यह हमें जल्दी से और सही तरीके से काम पूरा करने के नए-नए तरीके सुझा सकता है।

बुरी बातों से बचे।

शराब और सिगरेट आपके शरीर के लिए घातक तो है ही, आपके समय के लिए भी कम घातक नहीं है। अनुमान है कि युवा वर्ग एक सिगरेट पीने में लगभग आधे घंटे समय बर्बाद करता है। सिगरेट पीने में तो केवल 5 मिनट लगते हैं लेकिन उसकी जुगाड़ करने में और उसका माहौल बनाने में समय लग जाता है। हमारे समाज में अभी घर पर सिगरेट पीने का रिवाज नहीं है इसलिए युवक पान की दुकान पर जाता है फिर वहां सिगरेट पीते समय बातचीत करने लगता है और यार दोस्तों के साथ फालतू की बातों में समय कैसे निकल जाता, उसे पता ही नहीं चलता।

सापेक्षता के नियम को समझे।  

सापेक्षता का नियम समय के संदर्भ में भी बहुत महत्वपूर्ण है। समय वही रहता है, बस हमारा नजरिया बदल जाता है। आपने प्रायः देखा होगा, बच्चे जब वीडियो गेम खेलते हैं, तो उन्हें भूख-प्यास का अहसास ही नहीं होता, उन्हें पता नहीं नहीं चलता कि कब 2 घंटे गुजर गए। दूसरी ओर जब बच्चे पढ़ते हैं, तो उन्हें अनेकों काम याद आ जाते हैं और 15 मिनट में ही उन्हें ऐसा लगता है कि बहुत समय हो गया। सापेक्षता के नियम के कारण होता है।

pdf download

नीचे दिए गए print बटन पर क्लिक करें और save as pdf पर क्लिक करें। 

दोस्तों के साथ साझा करे

Leave a Reply

Your email address will not be published.