Allahabad Blues

Allahabad Blues: Book Review, Summary in Hindi, Quotes, FAQ, PDF download

इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपसे अंजनी कुमार पांडे द्वारा लिखित Allahabad Blues” की Book Review के साथ-साथ Summary in Hindi और Quotes के साथ-साथ PDF download भी साझा करेंगे।

Allahabad Blues: Book Review

“इलाहाबाद ब्लूज” अंजनी कुमार पांडे द्वारा लिखित एक “स्मृतियाँ” है। अंजनी द्वारा लिखा जाने वाला यह उनका अपनी अंतरात्मा से निकला इलाहाबाद के लिए एक बीते हुए समय का शानदार अतीत है। जिसे हर कोई दोहराना चाहेगा। इस किताब को पढ़ते हुए मैने अपने अतीत को याद किया है। जिसमें मेरी भावनाएं जुड़ी है और न जाने कितने भूले-बिसरे दिन याद आयें।

यह यथार्थवाद का दौर है। सिनेमा व साहित्य, दोनों क्षेत्रों में यह देखा जा सकता है। हम जो कुछ देखते, सुनते, सहते या भोगते हैं… यूं कहें कि जो हम जीते हैं, उसको उसी रूप में व्यक्त करना ही यथार्थवाद है। इसका स्वरूप भदेस भी हो सकता है, क्योंकि इसमें कल्पना का लेपन कम होता है। इसमें मर्यादा का ध्यान रखने के साथ रचनाकार में इमानदार बने रहने का साहस होना जरूरी है।

यह यात्रा है एक मिडिल क्लास लड़के की। ऐसे लड़के आपको कहीं भी मिल सकते हैं। इलाहाबाद में, पटना, जयपुर में, भोपाल में य फिर गोरखपुर मे। छोटे-छोटे शहरों के हर एक घर में ऐसा एक लड़का जन्म लेता है, जो एक बेहतरीन जीवन की तलास में अपना घर छोड़कर बड़े शहरों की ओर निकल पड़ता है।

इस किताब को इलाहाबाद की हर फेमस गलियों की बरसात की खुशबू आपको सोंधी लगेगी। जो अपने तरफ आकर्षित करेगी। अगर आपने भी कभी इलाहाबाद की किसी भी गलियों या रास्ते से वाकिफ हैं तो वो रास्ते या गलियां आपसे गुफ्तगू जरूर करेगी।

अंजनी ने जिस तरह का जिक्र अपने  अतीत में बीते इलाहाबाद का जिक्र किया है, उसे पढ़ते वक्त आपको ऐसा लगेगा कि काश मैने भी अपने जीवन का कुछ हिस्सा इलाहाबाद में बिताया होता। कुल मिलाकर अगर आपने अभी तक इलाहाबाद के बारे में नहीं जाना है तो यह किताब आपको अपनी भावनाओं से जोड़ती हुई इलाहाबाद का यात्रा कराएगी।     

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Allahabad Blues: Summary in Hindi

अंजनी कुमार पांडे का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ। इलाहाबाद की आबो-हवा में पलते-बढ़ते इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्वातक और परास्नातक किया। दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर 2010 में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय राजस्व सेवा में अधिकारी बने और वर्तमान में आयकर विभाग सूरत में ज्वाइंट कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं।

सरकारी सेवा के बादद बचे हुए समय में दिव्यंगों की सेवा को अपना धर्म मानते हैं। समय-समय पर इनके लेख विभिन्न पत्रिकाओं, ऑनलाइन ‘इलाहाबाद ब्लूज’ इनका हिन्दी साहित्य में पहला प्रयास है।

अंजनी ने स्मृतियों को महज 130 पन्नों में समेटा है। जिसमें उन्होंने अपनी जन्मस्थली जिला प्रतापगढ़ से लेकर पब्लिक सर्वेन्ट बनने तक की यात्रा का अंश है। जिसमें इलाहाबाद की संगम का ठंडा जल तो माई जैसा प्यार करने वाली दादी भी है। इतनी सरल और मार्मिक बातें हैं कि आपका जी पिघल जाएगा। और कष्ट होगा इससे अपने को दूर करके।  

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कुछ अच्छे और महत्वपूर्ण अंश-

इलाहाबाद एक शहर नहीं है बल्कि एक रोमांटिक कविता है, एक जीवन शैली है, एक दर्शन है। धर्मवीर भारती ने कुछ भी गलत नहीं कहा था कि इलाहाबाद का ग्राम देवता एक रोमांटिक कलाकार रहा होगा। एक बार आप शहर में प्रवेश कर जाएँ तो स्वयं ही उस रोमांच को महसूस कर सकते हैं। शहर में प्रवेश कर जाएँ तो स्वयं ही उस रोमांच को महसूस कर सकते हैं।

शहर की पूरी बनावट, रहन-सहन, खानपान, जीवनधारा अपने आप में अनूठी है। पत्थर गिरिजा चर्च से लेकर लेते हुए बड़े हनुमान जि का मंदिर तक, अकबर के किले से लेकर शहजादे खुसरो के बाग तक, अरैल घाट से लेकर बड़ी अटाला मस्जिद तक, पुराने यमुना के पल से लेकर नए केबिल वाले यमुना फूल तक, कहीं भी जाइए, हर जगह आपको रोमांच से भर देगी।

हर एक सड़क, हर एक गली, हर एक कोनया गंगा-जामुनी तहजीब से सराबोर है। हर प्रकार के भेद को मिटाता हुआ ये शहर अपने अंदर दो पवित्र नदियों गंगा और यमुना का मिलापकरवाता है। यह मेल करवाता है भारत में यूरोपीय नामों वाली सड़कों और मोहल्लों का।

यह शहर मेल करवाता है सभ्यताओं, सवेदनाओं और भावनाओं का। ऐसा शहर की महादेवी वर्मा और बच्चन को जन्म दे सकता है। ऐसा ही निराला शहर, महाकवि निराला का घर बन सकता है। ऐसे ही शहर में गंगा की सैर कर कोई पैन्ट सुकुमार बन सकता है और ऐसे ही शहर में बिखर सकती है अकबर इलाहाबादी की शायरी और नज़्में।  

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Allahabad Blues: Quotes

इसान चीजों को इस्तेमाल करने के बाद अमूमन भूल ही जाता है।

इलाहाबाद ब्लूज

अतीत कैसा भी हो उसका स्वरण सदैव मधुर प्रतीत होता है।

इलाहाबाद ब्लूज

जितना बड़ा शहर होता है, चकाचौंध उतनी ही ज्यादा रहती है।

इलाहाबाद ब्लूज

पढ़ने के लिए खुद के भीतर का मोटिवेशन चाहिए होता है। जिसको पढ़ना होता है वह कहीं भी पढ़ लेता है।

Allahabad Blues

 कुछ लम्हे जीवन में ऐसे भी आते हैं जिनकी छाप ज़िंदगी भर कभी नहीं जा पाती है।

इलाहाबाद ब्लूज

कुछ यादें लाल स्याही से लिखो या नीली से, मगर वो हमेशा हरी ही रहती है।

इलाहाबाद ब्लूज

घर के खाने में प्यार होता है और बाज़ार के खाने में व्यापार।

इलाहाबाद ब्लूज

सब कुछ खोने का डर ही आपके भीतर एक अनदेखी ऊर्जा का संचार करता है।

इलाहाबाद ब्लूज

अगर आपने संघर्ष किया है और आपको लगता है कि आपको आपकी मेहनत के बराबर फल नहीं मिल रहा है, तो आपको यह जान लेना चाहिए कि अभी मेहनत और बाकि है।

Allahabad Blues

हम सफर पर निकलते हैं, नज़ारे देखते हैं और फिर वापस चले जाते हैं।

इलाहाबाद ब्लूज

पढ़ाई वह संजीवनी बूटी है जो मानव मस्तिष्क को जीवनदान देती है।

इलाहाबाद ब्लूज

पढ़ाई मनुष्य को जीवन पर्यत सक्रिय एवं गतिशील बनाए रखती है।

Allahabad Blues

जीवन जिने के लिए जिन गुणों की आवश्यकता होती है, जैसे; विवेक, विनम्रता, पात्रता, वैभव, सुख-शांति।

Allahabad Blues

जिस वृक्ष की जड़ जितनी गहराई में होती है वह वृक्ष उतना ही विशाल और सुदृढ़ होता है।

Allahabad Blues

मानव बनने के लिए मानवता को समझना जरूरी है। मानवता को समझने के लिए मानव इतिहास की समझ जरूरी है।

Allahabad Blues

 मानव इतिहास समझने के लिए मानविकी के कुछ पन्ने पलटने बहुत जरूरी हैं।

इलाहाबाद ब्लूज

आधुनिकता की दौड़ में सफल होने की कोशिश ने विज्ञान और तकनिकी की पढ़ाई को आगे बढ़ाया है।

Allahabad Blues

असली शिक्षा वही है जो मनुष्य को मानवातावादी बनाए।

इलाहाबाद ब्लूज

किसी भी कार्य की सिद्धि पराक्रम से होती है, साधनों की अधिकता से नहीं।

इलाहाबाद ब्लूज

कोई भी काम करने के लिए इच्छाशक्ति चाहिए, संसाधन नहीं।

इलाहाबाद ब्लूज

जिंदगी में एक ही चीज स्थिर है और वह है बदलाव।

इलाहाबाद ब्लूज

जब इंसान प्रेम में होता है तो वह यथार्थ से कोसो दूर होता है।

इलाहाबाद ब्लूज

घर उसी दिन टूटता है जब पुरुष का उदारवादी हृदय जवाब दे देता है कि बस अब नहीं।

इलाहाबाद ब्लूज

समय कभी नहीं रुकता, अपनी गति से भागता रहता है। समस्त बदलावों को आत्मसात करते हुए।

Allahabad Blues

जिंदगी में कुछ भी कल नहीं होता है

इलाहाबाद ब्लूज

वर्तमान में ही आपका जीवन है और आप को उसी को बेहतरीन बनाना चाहिए।

एक अच्छे सपने को पूरा करने के चक्कर में अपना आज खराब नहीं करना चाहिए।

इलाहाबाद ब्लूज

जीवन सिर्फ उतना ही है जितना आप वास्तविक रूप मेमजी रहे हो।

इलाहाबाद ब्लूज

किसी भी देश, समाज, समुदाय, वर्ग या व्यक्ति का अतीत उसके वर्तमान को न केवल प्रभावित करता है बल्कि भविष्य निर्माण निर्माण और सृजन के लिए दिशा निर्धारित करता है।  

Allahabad Blues

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FAQ

Q इलाहाबाद ब्लूज के लेखक कौन है?

अंजनी कुमार पांडे इलाहाबाद ब्लूज के लेखक है।

Q अंजनी कुमार पांडे कौन है?

अंजनी कुमार पांडे इलाहाबाद ब्लूज के बतौर लेखक होने के साथ-साथ वर्तमान में आयकर विभाग सूरत में ज्वाइंट कमिश्नर भी हैं।

Q इलाहाबाद ब्लूज का पब्लिशर कौन है?  

इलाहाबाद ब्लूज का पब्लिशर हिन्द युग्म ब्लू है। जिसे जुलाई 2020 में पहली बार पब्लिश किया गया था।

Q इलाहाबाद ब्लूज किस विधा पर लिखा गया किताब है?

इलाहाबाद ब्लूज अंजनी कुमार द्वारा लिखित उनकी स्मृतियों पर आधारित है।

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